श्री पूजा सेवा

“मंदिर की सेवा, घर से।”

श्री पूजा सेवा” की सहायता से अब आप भारत के किसी भी पवित्र मंदिर और तीर्थस्थल पर अपना चढ़ावा शुद्ध वैदिक विधि से अर्पित कर सकते हैं—वह भी दुनिया के किसी भी कोने से, सहज, सुरक्षित और सम्पूर्ण श्रद्धा के साथ।”चढ़ावा अर्पित कर दिव्य आशीर्वाद अपने जीवन में आमंत्रित करें।
सभी वैदिक अनुष्ठान अनुभवी एवं योग्य पुरोहितों द्वारा पूर्ण शुद्धता से संपन्न किए जाएँगे।
अब आप दुनिया के किसी भी स्थान से आसानी से चढ़ावा अर्पित कर सकते हैं।
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✨ सिद्धबली मंदिर की महिमा

सिद्धबली मंदिर भगवान हनुमान के अनंत तेज, पराक्रम और कृपा का दिव्य केंद्र माना जाता है। यहाँ की आध्यात्मिक शक्ति इतनी प्रबल है कि भक्त मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही एक अद्भुत शांति और दिव्य ऊर्जा का अनुभव करते हैं। ऐसा विश्वास है कि सिद्धबली बाबा ने अपनी कठिन तपस्या और अखंड भक्ति से इस स्थान को सिद्ध धाम बनाया, जहाँ प्रत्येक भक्त की पुकार सीधी भगवान हनुमान तक पहुँचती है।

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✨ दिव्यता और आध्यात्मिक अनुभूति

सलासर बालाजी धाम की आध्यात्मिक तरंगें इतनी शक्तिशाली हैं कि यहाँ आते ही मन को शांति और आत्मा को सुकून मिलता है। मंदिर परिसर में बजते भजनों की मधुर ध्वनि, भक्तों की आस्था और चमत्कारों की अनगिनत कहानियाँ इसे एक अद्वितीय शक्तिपीठ बनाती हैं।

गंगा आरती का महत्व

गंगा नदी को हिंदू धर्म में त्रिदेवियों की माँ कहा गया है—पवित्रता, शांति और मोक्ष का प्रतीक। हरिद्वार, जिसे “भगवान का द्वार” कहा जाता है, में बहती गंगा, युगों से ऋषियों और संतों की तपस्थली रही है। यहाँ की आरती का महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि:

  • यह माता गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है

  • नकारात्मकता दूर कर घर-परिवार में सुख-समृद्धि लाती है

  • मन को शांति और आत्मा को पवित्रता प्रदान करती है

  • जीवन की बाधाओं को दूर कर सफलता और संरक्षण देती है

मनसा देवी का पौराणिक महत्व
  • मनसा देवी को कष्ट-निवारिणी देवी कहा गया है।

  • जो भक्त यहाँ सच्चे मन से माँ की अराधना करते हैं, माता उनकी अपूर्ण इच्छाओं को पूर्ण करती हैं।

  • जीवन की बाधाएँ, रोग, भय और नकारात्मक ऊर्जा माँ के आशीर्वाद से दूर होती हैं।

  • माता मनसा विशेष रूप से संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य, और सुख-समृद्धि देने वाली देवी मानी जाती हैं।

मंदिर परिसर में माँ की मूर्ति दो रूपों में स्थापित है—

  1. एक मूर्ति आठ भुजाओं वाली

  2. दूसरी तीन मुख और पाँच भुजाओं वाली

इन दोनों रूपों से देवी की शक्ति और कृपा का अनुभव भक्त को होता है।

माँ चंडी का पौराणिक महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार, शुंभ-निशुंभ राक्षसों का वध करने के बाद देवी चंडी इसी स्थान पर विश्राम के लिए रुकी थीं।
इसी कारण यह स्थान सिद्ध पीठ माना गया है और यहाँ देवी के दर्शन अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।

माना जाता है कि—

  • चंडी देवी अपने भक्तों को साहस और शक्ति प्रदान करती हैं।

  • जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ, भय और बाधाएँ माँ चंडी के आशीर्वाद से दूर होती हैं।

  • भक्तों की मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है।

  • कोर्ट-कचहरी, शत्रु बाधा, नजर दोष और ग्रह बाधा से मुक्ति मिलती है।

🌱 माँ शाकुंभरी देवी के चमत्कार और मान्यताएँ

  • संतान प्राप्ति की इच्छा पूर्ण होती है

  • विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं

  • आर्थिक संकट, व्यापारिक समस्या और करियर बाधाएँ समाप्त होती हैं

  • बीमारियों और मानसिक परेशानियों में राहत मिलती है

  • परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है

  • प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा मिलती है

भक्तों का मानना है कि माँ प्रकृति, अन्न और जीवन की अधिष्ठात्री हैं—इसलिए माता के दर्शन से जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।

खाटू श्याम जी – परिचय

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम धाम भारत के सबसे प्रसिद्ध और चमत्कारी तीर्थ स्थलों में से एक है। भक्त मानते हैं कि खाटू श्याम जी कलयुग के जीवित देवता हैं और सिर्फ “श्री श्याम” का नाम लेने भर से भक्तों के दुख, भय और बाधाएँ दूर हो जाती हैं।

खाटू श्याम जी को बर्बरीक के नाम से भी जाना जाता है—जो महाभारत युद्ध में महान योद्धा घटोत्कच के पुत्र थे। भगवान श्री कृष्ण ने उनकी अद्भुत भक्ति, दान और सत्यता से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया कि
“कलयुग में तुम श्याम नाम से पूजे जाओगे और मेरी ही तरह भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी करोगे।”

🙏 बांके बिहारी जी के दर्शन का महत्व

भक्त मानते हैं कि बिहारी जी:

  • मन की इच्छाएँ तुरंत सुनते हैं

  • जीवन में प्रेम, शांति और आनंद का संचार करते हैं

  • बाधाओं को दूर कर सफलता का मार्ग खोलते हैं

  • वैवाहिक जीवन में मधुरता लाते हैं

  • मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति प्रदान करते हैं

कहा जाता है, “जो एक बार बिहारी जी के दरबार आ जाए, वह फिर पुकारे बिना नहीं रह सकता।